Sad shayari
par vo taaraa nahin tuttaa ,jise dekhakar tumhen maang lun
जब मिलो किसी से
तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
बहुत तङपाते है
अक्सर सीने से लगाने वाले।
वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।
Sad shayari
Mil Bhi Jate Hain Toh Katra Ke Nikal Jate Hain,
Hain Mausam Ki Tarah Log.... Badal Jaate Hain,
Hum Abhi Tak Hain Giraftar-e-Mohabbat Yaaro,
Thokarein Kha Ke Suna Tha Ke Sambhal Jate Hain.
Mujhe Chhodkar Wo Khush Hai,
To Shikayat Kaisi.
Ab Mai Unhe Khush Bhi Na Dekhu,
To Mohabbat Kaisi?
Ye Keh Kar Mera Dushman Mujhe
Hansta Chhod Gaya,
Ki Tere Apne Hi Bahut Hain
Tujhe Rulaane Ke Liye.
चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल,
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।
आपके बिन टूटकर बिखर जायेंगे,
मिल जायेंगे आप तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
अगर न मिले आप तो जीते जी मर जायेंगे,
पा लिया जो आपको तो मर कर भी जी जायेंगे।
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दिल के दर्द को दिल में ही दबा के रखा है दिल के दर्द को दिल में ही दबा के रखा है आघर बयां कर देते तो सजा पाओगे
दिल अमीर था और मुकद्दर गरीब था..
अच्छे थे हम मगर बुरा नसीब था..
लाख कोशिश कर के भी कुछ ना कर सके हम..
घर भी जलता रहा और समंदर भी करीब था।
तुमको समझाता हूँ इसलिए ए दोस्त
क्योंकि सबको ही आज़मा चुका हूँ मैं
कहीं तुमको भी पछताना ना पड़े यहाँ
कई हसीनों से धोखा खा चुका हूँ मैं
आप की खातिर अगर हम लूट भी लें आसमाँ, क्या मिलेगा चंद चमकीले से
शीशे तोड़ के।
"उतरा था चाँद हमारे आँगन में भी,
पर वो सितारों को गबारा नही था,
हम तो सितारों से भी बगाबत कर लेते,
पर वो चाँद ही हमारा नही था।"
Ek Achchi
Baat Sekhane Ko Mili
Ki Jab Jevan Mein Koi
Rasta Na Dikhai De Raha
Ho To
Bahut Door Tak Dekhane Ki
Koshish Vyarth Hai
Dhere Dhere Ek Ek Kadam
Chalo Rasta Khulata Jayega.
Yeh Tuɱ Se Ҝeh Diya Ҝis Ne,
Ҝ Baazi Haar Baithay Huɱ!
Abhi Tuɱ Pay Lutanay Ҝ๏
Huɱari Jaan Baqi Hai..!!
ज़िंदगी जीने के मायने कुछ यूँ बदले, सबकी खुशी में शामिल हुए अपना गम छुपाकर, सबके गम में शामिल हुए अपनी खुशी भुलाकर।
बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है,
यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है ।
तड़प उठता हूँ दर्द के मारे,
ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है ।
अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ,
मुझ को तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है
Sad shayari for boy
जब भी तुम्हारी याद आती हैं,
हम दिल पर हाथ रख लेते हैं,
क्युकी हमे पता हैं तुम कही मिलो या न मिलो...
मगर यह तो जरूर मिलोगे..
डूबते हैं To पानी को #दोष देते हैं, गिरते हैं To पत्थर को दोष Dete हैं, इंशान Bhi क्या अजीब हैं Dosto कुछ कर नहीं पाता To #किस्मत को दोष देते Hain.
उसे जाते हुए देखता हूँ और आवाज़ नहीं करता,
अब मैं किसी को बार-बार नाराज़ नहीं करता।
परदा गिरे तो सच से रूबरू होंगे हम,
यूँ तो उन चहरों पर परदा भी नाज़ नहीं करता।
तुझे निकालना है तो बेझिझक निकाल दे अपनी महफिल से,
वक्त खराब हो तो कोई अपना भी ऐतराज़ नहीं करता।
क़्तल-ए-आफ़्ताब सर-ए-बाज़ार होना कौन सी बड़ी बात है अब,
कमबख्त अँधेरों से अच्छा तो कोई साज़-बाज़ नहीं करता।
तेरी फ़रेब-ए-सादगी से तेरे किरदार का पता चलता है,
पीठ में खंजर उतारने की गुस्ताखी कोई जाँबाज़ नहीं करता
Sad Shayari SMS
अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल, अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल, अब किसी दिलासे की जरूरत नही है, क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल।
यहां शाम-ओ-सहर अच्छा नहीं है
न राही, रहगुज़र अच्छा नहीं है ।
थी मजबूरियां जो घर को छोड़ आए
पता तो था शहर अच्छा नहीं है ।।
कहते हैं कि दुःख बांटने से कम होता है चाहे वो किसी का भी दिया हो। अगर आप भी अपना मन हल्का करना चाहते हैं तो इस पेज पर उपलब्ध सैड शायरी को दुनियाँ के साथ बांटकर आप अपने ग़मो को बाँट सकते हैं। इससे आपको कई लोग अच्छे सुझाव देते हैं कि कैसे आप उस दुःख से बाहर निकल सकते हैं।
साजन तुमने दगा दिआ,
क्या हाल कहे हम गैरो का ||
जब अपनों ने हमे बर्बाद किआ,
तब क्या हाल कहे हम गैरो का
जब प्यार के एहसास को समझ जाओगे,
हर सांस में मेरा ही नाम पाओगे,
मेरा प्यार उस वक़्त देगा आवाज़,
जब दुनिया की भीड़ में तुम खुद को अकेला पाओगे
इफत भरी ज़िन्दगी में अक्सर ऐसा होता है.
आंखें हस्ती हैं और दिल रोता है.
जिन्हे हम अपनी मंज़िल समझते हैं.
उनका हमराही कोई और ही होता ह.
Sad shayari
रोती हुई आँखो मे इंतज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी प्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने,
जिनके टूटने पर भी उनके,
सच होने का इंतेज़ार होता है..?
जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें।
हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें।
मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी।
क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं।
Udaas hun par tujhse naraaz nahin,
Tere Dil mai hun par tere pass nahin,
Jhooth kahun to sab kuch hai mere pass ,
Aur sach kahun to ek tere siva kuch bhi Khaas nahin.
Sad shayari for girls
Mayoos Toh Hun Tere Vaade Se,
Kuchh Aas Nahi Kuchh Aas Bhi,
Main Apne Khayalon Ke Sadke,
Tu Paas Nahi Aur Paas Bhi Hai.
Mana Ke Tumko Pyaar Nahi,
Nafrat Hi Jataane Aa Jaao,
Sadiyon Se Jaagi Aankhon Ko,
Ek Baar Sulane Aa Jaao,
Jis Mod Pe Humko Chhod Gaye,
Hum Baithe Ab Tak Soch Rahe,
Kya Bhool Huyi Kyun Juda Huye,
Bas Yeh Samjhane Aa Jaao.
वजह तक पूछने का मौका ही ना मिला,
बस लम्हे गुजरते गए और हम अजनबी होते गए।
आपके बिन टूटकर बिखर जायेंगे,
मिल जायेंगे आप तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
अगर न मिले आप तो जीते जी मर जायेंगे,
पा लिया जो आपको तो मर कर भी जी जायेंगे।
कुछ गैर मुझे ऐसे मिले जो मुझे अपना बना गए और कुछ अपने ऐसे मिले जो मुझे गैर का मतलब बता गए।”
बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ,
ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,
कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,
इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ
महफ़िलें भी नही सजती अब मेरे मरहम की
तकलीफ़ों में वकालत , कोई निभाता नहीं
है लम्हों को शिकायत, सवाल है शोहरत से
भूलकर अब सच्चा प्यार, कोई जताता नहीं
खोखली सी ज़िन्दगी, सहूलियत हैं ही कहाँ
रूठकर सताने का रिवाज़, कोई मनाता नहीं
उतर चुके हैं इस कदर अब कोई भाता कहाँ
अग्यार हो या अज़ीज़, कोई समझ आता नहीं
है कौन मेरी तकदीर में, मैं हूँ किसका यहाँ
कोरे काग़ज़-सी हकीकत, कोई बताता नहीं
Sad
Wo kehke chale itni mulaqat bahut hai
Maine kaha ruk jao abhi raat bahut hai..
Aasu mere tham jaye to phir shok se jana
Aise me kaha jaoge barsaat bahut hai..
वक़्त का क़ाफ़िला आता है गुजर जाता है
आदमी अपनी ही मंज़िल पे ही ठहर जाता है..
इस बिगड़ी हुई किस्मत पे ना हसना ए दोस्त
क्या खबर कब कोई इंसान सवर जाता है..
Zaruri to nahi jine ke liye Sahara ho,
Zaruri to nahi hum jinke hai who humara ho,
Kuch kashtiya dub bhi jaya karti hai,
Zaruri to nahi har kashti ka kinara ho.
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,
हैं मौसम की तरह लोग… बदल जाते हैं,
हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों,
ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं
जुस्तजू खोये हुए की उम्र भर करते रहे,
चाँद के हमराह हम हर शब सफ़र करते रहे,
रास्तों का इल्म था न हमको सिम्तों की खबर,
शहर-ए-नामालूम की चाहत मगर करते रहे।
चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल,
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।
Sad shayari
छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ,
बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है,
पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं,
जो मैं लाया करता था।
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,
हैं मौसम की तरह लोग... बदल जाते हैं,
हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों,
ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं।
बिछड़ कर आप से हमको ख़ुशी अच्छी नहीं लगती,
लबों पर ये बनावट की हँसी अच्छी नहीं लगती,
कभी तो खूब लगती थी मगर ये सोचते हैं हम,
कि मुझको क्यों मेरी ये ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।
चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल,
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।
वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गईsad shayari
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।
Sad shayari
छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ,
बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है,
पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं,
जो मैं लाया करता था।
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,
हैं मौसम की तरह लोग... बदल जाते हैं,
हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों,
ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं।
बिछड़ कर आप से हमको ख़ुशी अच्छी नहीं लगती,
लबों पर ये बनावट की हँसी अच्छी नहीं लगती,
कभी तो खूब लगती थी मगर ये सोचते हैं हम,
कि मुझको क्यों मेरी ये ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।
चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल,
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।
वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गईsad shayari



